काढ़े के साइड इफ़ेक्टस के बारे में जान लें!

Kadha

आज कल काढ़ा पीना बहुत से लोगों में आम हो गया है पर काढ़े में डाली जाने वाली आयुर्वेदिक औषधि आपकी उम्र, समय, और अन्य चीज़ें देख कर ही लेना होता है|

पर आज कल बहुत से लोग 4 से 5 चीजों को काढ़े में डालकर पी रहें हैं जैसे काली मिर्च, गिलोय, पीपली, हल्दी, अश्वगंधा, सोठ, और दालचीनी| 

मगर ऐसा करना आपकी सेहत के लिए उल्टा काम कर सकता है और आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है| 

क्यूँ हानिकारक हो सकता है?

काढ़ा बनाते वक़्त जिन-जिन औषधियों को आप काढ़े में डालते हैं उसकी तासीर ज़्यादातर गरम होती है|

और अगर आप बिना जाने, काढ़े में ज़रूरत से ज़्यादा औषधियों का इस्तेमाल कर उसे पी रहे हैं तो इससे आपकी शरीर की गर्मी बड़ सकती है|

यही कारण है की गरम तासीर वाले काढ़े को ज़रूरत से ज़्यादा पीने से आपको नुकसान पहुँच सकता है|

काढ़े के साइड-एफफ़ेक्ट्स कैसे पता लगाए जाएँ?

ये जानने के लिए आपको हम कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, अगर आप रोज़ काढ़ा पी रहे हैं और आपको ये लक्षण दिखाई दें, तो आपको ये काढ़ा पीना बंद करना पड़ेगा|

  • मुंह में छाले होना|
  • पेशाब करते वक़्त जलन होना|
  • पेट में दर्द या जलन की समस्या होना|
  • नाक से खून आना|
  • पेचिश और अपच की समस्या होना|

अब जानें की किन-किन बातों का ध्यान रखना है!

  • अगर आपको अपनी इम्युनिटी बड़ानी है तो अपने मन से कुछ भी औषधि डाल कर काढ़ा बनाने से अच्छा है की आयुष मिनिस्टरी द्वारा बताए गए काढ़े को ही बनाएँ और उसे सीमित मात्रा में पिए|
  • काढ़ा बनाते वक़्त ध्यान रहे की जितनी मात्रा बताई गयी है उतनी ही काढ़े में डालें|
  • काढ़ा बनाते वक़्त इसमें अश्वगंधा, सोंठ, दालचीनी, और काली मिर्च की मात्रा कम रखें और दूसरी औषधियाँ जैसे की मुलेठी, इलायची, और गिलोय की मात्रा बड़ा दें|
  • इस बात का भी ध्यान रखना है की अगर आपको पहले से ही कोई बीमारी है तो पहले आपने डॉक्टर से परामर्श कर लें और उसके बाद ही काढ़ा पिये|

किन लोगों को सावधानी रखनी होगी?

  • वैसे तो ऊपर बताई गयी औषधि से बना हुआ काढ़ा पीने से कफ की दिक्कत खत्म हो जाएगी|
  • इसलिए जिन्हें कफ की दिक्कत है उनके लिए तो यह काढ़ा सही है|
  • लेकिन ऐसे लोग जिन्हें वात और पित्त दोष है उन्हें काढ़ा पीते वक़्त ध्यान देना होगा|
  • जैसे की गरम तासीर वाली औषधियाँ कम ही डालें, और आपने काढ़े में ठंडी तासीर वाली चीज़ें डालें|
  • इसके साथ ही काढ़े को बहुत ज़्यादा नहीं पकाना है|
  • अगर आपने ध्यान दिया हो तो बाज़ार में इन दिनों त्रिकुट काढ़ा बिक रहा है, तो आप काढ़ा बनाते वक़्त त्रिकुट पाउडर को 5 ग्राम से अधिक न डालें|

अगर आपको ये जानकारी ज़रूरी लगे तो इस जानकारी को आगे भी आपने जानने वालों से साझा करें|

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