पथरी का रोग है तो केवल भोजन से इलाज करें!

pathri ka ghrelu ilaz

अक्सर पथरी होने पर लोग बहुत सी दवाइयाँ खाना शुरू कर देते हैं और कई बात तो अंग्रेज़ी दवाइयों से साइड-इफैक्ट भी होते हैं| ऐसा में अगर हम आपको बताएं की आप अपनी पथरी का इलाज घर पर केवल जो आप खा रहें है उससे ही कर सकते हैं|

अक्सर हम चोटी से चोटी समस्या के लिए भी दवाइयाँ खा लेते हैं पर अगर आप रोजाना आपने खाने का ध्यान रखते हैं और कुछ भी उल्टा-सीधा न खा कर वो खा रहे हैं जो वाकई में आपकी सेहत के लिए लाभकारी है तो पहली बात तो आपको किसी भी प्रकार की समस्या होगी ही नहीं और अगर हो भी जाती है तो आप केवल भोजन से ही अपने आप को स्वस्थ कर सकते हैं|

पर उससे पहले ये भी जान लें की पथरी क्या है? पथरी होने का कारण क्या होता है? और पथरी के लक्षण क्या हैं? क्यूंकी कारण पता होगा तभी तो निवारण सही से होगा|

पथरी किसे कहते हैं?

मूत्र प्रणाली में किसी कारणवश अवरोध उत्पन्न हो जाने या शरीर में जलीय अंश की कमी हो जाने से पेशाब की मात्रा में कमी और सघनता आ जाती है|

परिणामस्वरूप अतिरिक्त लवण व कैल्सियम तत्व गुर्दे में एकत्रित होकर कठोर रूप धरण कर लेते हैं| इसे हम पथरी कहते हैं|

तो आज हम आपसे कुछ ऐसे भोजन के बारे में बतायेंगें जिससे आप अपनी पथरी का इलाज (Kidney Stone Treatment) घर पर ही कर सकेंगें|

पथरी होने का कारण क्या है?

कई तरह के आहार से मूत्र में लवण की मात्रा बढ़ने लगती है, कैल्सियम, फॉस्फेट, और ऑक्ज़ेलेट वाली चीजों का अधिक सेवन, कम मात्र में पानी पीना, गरम जल वायु में पसीने के कारण शरीर से अधिक पानी निकाल जाना आदि पथरी रोग के मुख्य कारण हैं|

इसके अतिरिक्त गुर्दे में इन्फ़ैकशन पेशाब प्रवाह में रुकावट, तथा लंबे समय तक बीमारी की वजह से मजबूरन बिस्तर पर पड़े रहने के कारण भी पथरी रोग हो सकता है, क्यूंकी इस अवस्था में अनावश्यक रूप से नमक की मात्रा बढ़ जाती हैं|

पथरी के लक्षण क्या हैं?

चलते-फिरने पर पथरी का दर्द बढ़ जाता है|

मूत्र नाली की पथरी में दर्द, पीठ के नीचले हिस्से से उठकर जांघों की ओर जाता है, जबकि गुर्दे की पथरी के अधिकतर मरीज पीठ से पेट की तरफ आते भयंकर दर्द की शिकायत करते हैं|

ये दर्द रह-रहकर उठता है और कुछ मिंटो से लेकर कई घंटो तक बना रेहता हैं|

ये इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं|

गुर्दे या मूत्र नाली की पथरी में दर्द के साथ-साथ उल्टियाँ भी होती हैं|

मूत्र के साथ खून या लघुशंका के समय जलन होना और बुखार जैसे लक्षण भी उभर आते हैं|

इस भोजन से पथरी का इलाज करें:

–    प्याज़ के रस में चीनी डालकर शर्बत बनाकर 10 से 15 दिनों तक सेवन कीजिये| पथरी कट-कट कर बाहर निकाल जाएगी|

–    चौलाई की सब्जी नित्या खाने से पथरी भीतर ही भीतर गल जाती है| पथरी में बथुए का साग खाइये, उसका सूप पीजिए और फिर देखिये चमत्कार|

–    खीरे, गाजर और जामुन का रस पथरी में गुणकारी होता है|

–    रात को चने की दाल भिगोकर, सुबह-सुबह शहद के साथ सेवन करें, पथरी गलने लगेगी|

–    मूली के 35 ग्राम बीज आधा किलो पानी में उबाल लें| जब पानी आधा रेह जाये तो उससे छानकर पीना है| ये विधि 30 दिनों तक करें तो मूत्राशय की पथरी गल जाएगी| इसी तरह मूली का रस तथा उसके पत्ते चबा-चबाकर खाने से 40 दिनों के भीतर पथरी पेशाब के साथ बाहर निकाल आएगी|

जरूरी टिप्स:

–    नियमित रूप से अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए|

–    पानी की जगह दूसरे पेय पदार्थ भी लिए जा सकते हैं|

–    बारली वॉटर भी पथरी रोग में हितकारी होता है|

–    पालक, सारसो का साग, बथुआ, मूली के पत्ते, मीठी, टमाटर, चौलाई, चॉक्लेट, मास, अंडे, मछ्ली, आदि अपथ्य हैं| इसके सेवन से बचें|-    खान-पान ठीक रखने से पथरी रोग से बचा जा सकता है, क्यूंकी खान-पान का पथरी रोग से गहरा संबंध है|

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