इन 9 नुस्खों से अस्थमा हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा!

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दमा श्वसन संस्थान का रोग है इसलिए, इसे श्वास रोग भी कहते हैं| जब फेफड़ों में कफ जमा हो जाता है या श्वासनाली में कोई विकार उत्पन्न हो जाता है तो इसे दमा कहते हैं| आज हम दमा के रोग का कारण, दमा के लक्षण और दमा से छुटकारा पाने के लिए ऐसे घरेलू उपाए बताएंगें जो रामबाण का काम करेंगें|

दमा का कारण क्या होता है?

–    धूल भरे वातावरण में रहना| एनएम व शीत जलवायु, धुआं लगना, कफवर्द्धक आहार आदि श्वास रोग के प्रमुख कारण हैं|

–    कई बार बाहर के खान-पान से श्वसन संस्थान में एलर्जी हो जाती है, जिससे दमा का रोग हो सकता है|

–    दमा का रोग आनुवांशिक भी है और ये एक कष्ट सध्या रोग है|

दमा के लक्षण भी जान लें:

1.       सांस तेज़ चलती है और सांस के साथ घरघराहट की आवाज़ आती है|

2.       ख़ासी के साथ बलगम निकालता है|

3.       सांस लेने और खासकर सांस छोड़ने में बहुत अधिक दिक्कत होती है|

4.       दमे का दौरा खासकर रात को सोते समय अधिक पड़ता है|

5.       नाड़ी की गति अत्यधिक बढ़ जाती है|

6.       सांस इतनी ज़्यादा फूलने लगती है कि हांफने जैसे स्थिति उत्पन्न हो जाती है|

7.       सीढ़ी चढ़ने या परिश्रम करने से सांस और भी ज़्यादा फूलने लगती है|

दमा से बचने के 9 घरेलू उपाए! Home Remedies for Asthma

दमे का तेज़ दौरा पड़ने पर रोगी इतना बेचैन हो जाता है कि वह पल भर भी आम से सो नहीं पता और तड़पता रेहता है|

1.       ऐसे स्थिति में एक पके केले को दीपक कि लौ में या गॅस चूल्हे कि धीमी आंच पर गरम करें| फिर उसे छील कर उस पर पिसी हुई काली मिर्च बुरक दें और रोगी को खिला दें| फिर देखिए – केले का चमत्कार! रोगी की रोगी की तड़प तुरंत शांत हो जाएगी| भले ही रोगी का पूरी तरह उन्मूलन न हो, पर रोग के हमले के वक़्त आराम मिल जाएगा|

2.       काली तुलसी के पत्तों को छोटी मधुमक्खियों के शहद के साथ सेवन करने से बहुत फायदा होता है| 13 मि. ली. शहद में 20 मि. ली. तुलसीदल का रस निकाल कर मिलाएँ और इसका सेवन करें|

3.       सांस फूलने की शिकायत होने पर तुलसी के पत्र काले नमक के साथ मुंह में रखने से चमत्कारी लाभ मिलता है|

4.       रात को सोने के पूर्व भूने चने खाकर ऊपर से थोड़ा गरम दूध पी लीजिए| इससे श्वास की नाली साफ हो जाएगी और दमा दूर हो जाएगा|

5.       दमे को खतम करने का एक रामबाण उपाए है, पुरानी (जितनी अधिक पुरानी हो अच्छा है, हल्दी की गांठ को पीसकर चूर्ण बना लें और आधा बड़ा चूर्ण दो बड़े चम्मच शहद में मिलकर इसका सेवन करें| शहद भी जितना ज़्यादा पुराना होगा उतना ही लाभकारी होगा|

6.       अगर दमा प्राथमिक अवस्था में है तो रात को सोने के पूर्व दो-तीन काली मिर्च चबाएँ| तुलसी के पत्तों में काली मिर्च मिलकर लेने से दमा का प्रकोप कुछ ही पलों में शांत हो जाएगा|

7.       सोंठ और बड़ी हरड़ पीस कर 5-5 ग्राम की मात्रा में गरम पानी के साथ लेते रहें| इस घरेलू नुस्खे का प्रयोग हर तीन घंटे में करते हैं| इस उपाए को 10 से 12 दिन तक करें| ऐसा करने से श्वासनलिका से लेकर मलाशय तक की सफाई हो जाएगी|

8.       कितना भी भयानक दमा हो, अगर रोगी को रोज़ 250 ग्राम आंवले का मुरब्बा, 50 ग्राम पीपल चूर्ण और 125 मि. ली. मधु का सेवन कराएं तो आश्चर्यजनक लाभ होता है|

9.       नींबू का रस अदरक के साथ लेने से दमा रोक में लाभ पहुंचता है|

अक्सर लोग बहुत सारे इलाज करवाते हैं, दवाइयाँ खाते हैं पर फिर भी उनकी बीमारी ठीक होने का नाम ही नहीं लेती| कई बार ऐसा भी होता है की बीमार की शुरुरात होती है और ऐसे में अगर घर पर मौजूद चीजों से ही ठीक हुआ जा सकता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है|

अगर ये उपाए करने के बाद भी आपको दमे से छुटकारा नहीं मिल पा रहा तब आप डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें|

गर आपके जानने में कोई भीऐसा व्यक्ति है जो दमा से परेशान है और इससे निजात पाना चाहता है तो आप ये जानकारी उनसे सांझा कर सकते हैं|

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