साइनस को हमेशा के लिए ठीक करना है तो इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल करें!

sinus problem

इस रोग में पेशंट को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है जैसे की नाक से पानी गिरना, सर दर्द होने, नाक बंद हो जाना, या आधे सर में दर्द होना| जब किसी व्यक्ति को साइनस होता है तो कई बार उनकी आंखो के किनारों में या पलकों के ऊपर दर्द होता है, और इसके साथ ही उन्हें हल्का बुखार भी रेहता है|

इससे पहले की हम यह जाने की साइनस के लक्षण, कारण व घरेलू उपाएँ क्या हैं| पहले यह जानना ज़रूरी है की साइनस रोग क्या होता है?

इस रोग में नाक में कफ बहाव बढ़ जाता है, इसके साथ ही नाक भी बंद हो जाती है| अगर इस रोग का सही समय पर इलाज न हो तो यह रोग दूसरे रोगों का कारण बन सकते हैं| इस रोग से जुड़ी यह भी धारणा है की इसमें नाक की हड्डी बढ़ जाती है जिस वजह से जब भी ठंडी हवा चलती है या धुआँ और धूल के कारण परेशानी होती है|

साइनस में आपकी साइनस की झिल्ली में हवा की जगह बलगम और मवाद भर जाता है, और इस झिल्ली में सूजन भी आ जाती है|

साइनस के चार प्रकार होते हैं:

तीव्र साइनोसाइटिस – पहले प्रकार के साइनस में आपको साइनस के लक्षण अचानक से होते हैं और दो से चार हफ्तों के अंदर यह ठीक हो जाता है|

मध्यम तीव्र साइनोसाइटिस – दूसरे तरह के साइनस में आपको साइनस के लक्षण 4 से 12 हफ्तों तक रहते हैं|

जीर्ण साइनोसाइटिस – इस प्रकार के साइनस में आपको साइनस के लक्षण 12 हफ्तों से ज़्यादा समय के लिए रहते हैं|

आवर्तक साइनोसाइटिस – इस प्रकार के जीर्ण साइनोसाइटिस में व्यक्ति को जीर्ण साइनोसाइटिस के लक्षण 12 महीने होते हैं और यह समस्या दुबारा-दुबारा परेशान करती रहती है|

साइनस के लक्षण क्या हैं?

1.       जब साइनस में वायु विवर बंद हो जाता तो इस वजह से व्यक्ति को सांस लेने के लिए ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है और यह सर दर्द का कारण बनता है| इस तरह सांस लेने से बहुत अधिक सर दर्द होता है, क्यूंकी साइनस के कारण आपके सर की नासी पर बहुत द्वाब पड़ता है|

2.       अगर आपको साइनस है तो इससे आपको बुखार भी हो सकता है| इसके साथ ही बुखार में घबराहट व बैचनी भी होती है| पर बुखार आना ज़रूरी नहीं है|

3.       जिन लोगों को साइनस की समस्या होती हैं उनकी आवाज़ में भी कुछ बदलाव आ सकते हैं| साइनस में नाक बहती है और इससे दर्द होता जिस वजह से आवाज़ में बदलाव हो सकता है, यह बदलाव बहुत ज़्यादा नहीं पर थोड़ा ही होता है|

4.       साइनस में आपकी आँखों की पलकों के ऊपर सूजन व दर्द हो सकता है|

5.       अगर आपको साइनस की समस्या है तो आपकी सूंघने की क्षमता कम हो सकती है, क्यूंकी साइनस में आपके खोखले छिद्रों में अवरोध पैदा होता है, या फिर नाक बंद होने के कारण या नाक में सूजन आने के कारण सूंघने में दिक्कत होती है|

6.       अगर आपको खोखले छिद्रों में अवरोध पैदा होने की समस्या है तो आपके दांतों में भी दर्द हो सकता है|

7.       साइनस की समस्या में आप थकावट भी महसूस कर सकते हैं क्यूंकी साइनस की वजह से, सर दर्द, नाक का बंद होना, आंखों की पलकों में दर्द आदि दिक्कतों के चलते नींद नहीं पूरी हो पाती है और अच्छी नींद न लेने के कारण आपको थकावट महसूस हो सकती है|

8.       साइनस में खांसी की समस्या भी मुख्य लक्षणों में से एक है| साइनस की समस्या से व्यक्ति का गला व फेफड़ों पर भी असर पड़ता है जिस कारण खांसी की समस्या भी हो सकती है|

साइनस होने के कारण क्या हैं?

आयुवेदा में साइनस की समस्या को दो नामों से जाना जाता है, पहला नव प्रतिश्याय ‘एक्यूट साइनुसाइटिस’ और दूसरा पक्व प्रतिश्याय ‘क्रोनिक साइनुसाइटिस’ के नाम से जाना जाता है।

·         सभी करणों में से सबसे सामान्य कारण जुकाम है| यदि आपको जुकाम हो जाता है तो इस वजह से नाक में से पानी निकलता रेहता है, सांस लेने में दिक्कत होती है, और कई बार नाक बंद हो जाती है| इसलिए जुकाम साइनस होने के मुख्य करणों में से एक है|

·         अत्यधिक प्रदूषण के कारण भी साइनस की समस्या बढ़ जाती है और यह भी साइनस होने का कारण बन सकता है| प्रदूषित हवा में मौजूब हानिकारक कण जब स्वास नाली में जाते हैं तो साइनस की समस्या बढ़ जाती है|

·         कई लोगों को साइनस एलर्जी के कारण भी होता है| एलर्जी गंदी हवा के कारण व धूल मिट्टी के कारण भी हो सकती है जिससे साइनस की समस्या हो सकती है|

·         कई बार लोगों की नाक की हड्डी सामान्य से ज़्यादा बढ़ जाती है और इस कारण भी साइनस की समस्या हो सकती है|

·         अगर किसी व्यक्ति को अस्थमा की दिक्कत है तो यह भी साइनस का कारण बन सकता है| क्यूंकी अस्थमा स्वास नाली व फेफड़ों को प्रभावित करता है जिस कारण साइनस हो सकता है|

·         चोटी से चोटी व जटिल से जटिल समस्या का कारण ज़्यादा तर खान-पान से होता है इसलिए पोष्टिक आहार लेना भी बहुत ज़रूरी है| ज़रूरी पोषण की कमी के चलते भी साइनस की समस्या हो सकती है|

साइनस की समस्या के समाधान जान लें:

1.   अगर आपको साइनस की समस्या है तो सबसे पहले आपनी जीवनशैली ठीक करें और उसमें बदलाव लाएँ, क्यूंकी खराब जीवन शैली से सिर्फ साइनस ही नहीं अन्य बहुत सी बीमारियों का कारण बन सकता है|

2.   आपने खाने में अजवायन, लहसुन, मूंग, हरी सब्जियाँ, सौंठ, किशमिश, हींग, खजूर, लौकी, खजूर, कद्दू, व सूप शामिल करें|

3.   आपने खाने में आंवला को शमील करें इसमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो स्वस्थ के लिए बहुत लाभकारी है|

4.   साइनस में आपने खाने में दालें, सूप, जैतून का तेल (शीतलन की प्रक्रिया से बने तेल), सबूत अनाज, हल्की पकी सब्जियाँ व फलियाँ आदि शामिल करें|

5.   इसके साथ ही सूप बनाते वक़्त आप कुछ खाद्य पदार्थों को सूप में शामिल करें जैसे, प्याज, शिमला मिर्च, हॉर्सरेडिश, और लहसुन इससे अत्यधिक म्यूकस पतला होकर बाहर निकाल जाएगा|

6.   साफ पानी गुनगुना करके पियें|

7.   10 से 15 पत्ते पुदीने के, 10 से 15 पत्ते तुलसी के, और एक टुकड़ा अदरक का लें| इन तीनों को पीसकर एक ग्लास पानी में डाल कर इस पानी को उबाल लें| जब यह पानी आधा रेह जाये तब इस पानी को छानकर रखें और जाब यह पानी पीने लायक हो जाये तब इसमें शहद मिला लें इसे दिन में कम से कम 2 बार पियें, सुबह के समय खाने के बाद और रात को सोने से पहले इस मिश्रण का सेवन करें|

साइनस की दिक्कत है तो इन चीजों का न खाएं:

–          अंडा

–          चॉक्लेट

–          तला हुआ या प्रोसेस्ड खाना

–          चीनी

–          कैफीन

–          दहि

–          केला

–          कोल्ड ड्रिंक

–          मैदे से बनी चीज़ें

–          गन्ने का रस

–          आइसक्रीम

–          तीखा खाना

–          डेरी उत्पाद

1.   यह सभी खाद्य पदार्थ म्यूकस बनाते हैं, इसलिए इन खाद्य पदार्थों को अवॉइड करें|

2.   जब भी बाहर जाएँ तो मास्क का इस्तेमाल करें और धूल में और तेज़ हवा में मुंह धक कर रखें|

3.   नहाने के लिए हल्का गुनगुना पानी का इस्तेमाल करें|

4.   एक अदरक के रस को 2 से 3 कप पानी में डाल कर स्लाइस करें और उबाल कर, ठंडा करके या रूम टेंपरेचर पर इसका सेवन करें| इससे साइनस में होने वाला दर्द व सूजन से छुटकारा मिलेगा|

5.   शरीर में पानी की कमी न होने दें| अगर आपको साइनस की समस्या है तो कम से कम 3 से 4 लिटर पानी पियें| ऐसा करने से शरीर में मौजूद टोक्सिन्स मल-मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकाल जाते हैं|

6.   हल्दी साइनस में बहुत लाभकारी होती है, एक छोटा चम्मच हल्दी को आप एक ग्लास दूध में मिलाएँ और थोड़ा शहद मिलाकर इसे कम से कम 2 हफ्तों तक पियें|

7.   काली मिर्च का उपयोग भी साइनस की समस्या से निवारण के लिए किया जा सकता है| इसलिए आप काली मिर्च पाउडर को सूप बनाते वक़्त डालें, इसका एक छोटा चम्मच भी साइनस में बहुत लाभकारी होगा| इस सूप को धीरे-धीरे पियें और आप इस सूप का सेवन हफ्ते में 2 से 3 बार कर सकते हैं| इससे बलगम और सूजन दोनों कम होगी|

8.   दालचीनी का इस्तेमाल करने के लिए एक ग्लास पानी में एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर मिक्स करें और इसे दिन में एक बार सेवन करें| इस नुस्खे को हफ्ते में 2 बार करें|

9.   तुलसी के पत्ते भी किसी जड़ीबूटी से कम नहीं हैं| इसलिए आप तुलसी की पत्तियों को काढ़ा बनाते वक़्त इस्तेमाल कर सकते हैं| इस काढ़े के लिए 10 से 11 तुलसी के पत्ते, 11 मिश्री, अदरक 2 ग्राम, काली मिर्च 11 दाने, और पानी एक ग्लास इन सब चीजों का इस्तेमाल करें|

10.   नींबू का रस भी साइनस में लाभकारी होता है इसलिए नींबू के रस को एक ग्लास पानी में निचोड़लें और उसमें एक चम्मच शहद मिला लें और इसे पियें|

साइनस में डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर इन बताए गए घरेलू उपचारों के बाद भी 10 दिनों के अंदर साइनस बेहतर न हो तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें| क्यूंकी साइनस किस कारण की वजह से हुआ है यह जानना ज़रूरी है| कारण पता होगा तभी अच्छे से इलाज हो पाएगा और दिक्कत भी जल्दी ठीक होगी|

अगर आपको लगे की साइनस के लक्षण बढ़ रहे हैं तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ|

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